उमरिया (संवाद)। जिले में एक नाबालिक से आरोपी के द्वारा शादी करने का झांसा देकर लगातार बलात्कार करता रहा जिससे युवती गर्भवती हो गई। नाबालिक पीड़िता ने जब उसे यह बात बताई तो वह कुछ दिन उसे अपने साथ रखकर अचानक उसे अकेला छोड़ भाग गया। पीड़िता के द्वारा मामले की शिकायत पुलिस से करने के पुलिस जांच में नाबालिक युवती का मृत पैदा हुआ बच्चे का डीएनए टेस्ट के माध्यम से भी यह साबित हुआ कि आरोपी अनिल रौतेल ही है।जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपी अनिल रौतेल को 20 साल के कारावास की सजा दी है।
मामले में जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी अभियोजन नीरज पांडे द्वारा बताया गया कि पीड़ित नाबालिक के द्वारा पुलिस अधीक्षक उमरिया को एक लिखित आवेदन दिया गया कि आरोपी अनिल रौतेल ने उसके साथ कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध एवं शादी का प्रलोभन देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। तथा अभियुक्त के द्वारा 2013 में दूसरी लड़की के साथ शादी कर रहा है और शादी होने के पश्चात भी जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता रहता था। जब भी पीड़िता अभियुक्त से कहती थी कि तुम्हारी शादी हो गई है मेरे घरवाले मेरी शादी कहीं और कर देंगे। तब अभियुक्त कहता था कि मैं ही तुमसे शादी करूंगा। पीड़िता के मना करने पर भी अभियुक्त उसे डरा धमका कर पीड़िता के साथ बलात्कार करता रहा। जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो उसने अभियुक्त से कहा कि वह गर्भवती है तो अभियुक्त उसे अपने साथ ले गया और जंगल में अलग झोपड़ी बनाकर दो-तीन दिन रहा फिर पीड़िता को छोड़कर भाग गया।
उसके बाद पीड़िता ने उसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक उमरिया से की जिस पर पुलिस ने मामले की जांच कर धारा 376 (2) 376 (आई )376 (2)(एन) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपाठी धारा 4 का मामला पंजीबद्ध कर संपूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में पीड़िता ने अभियोजन का पूर्ण समर्थन किया तथा पीड़िता के मृत शिशु के डी.एन.ए रिपोर्ट से अभियुक्त को दोष सिद्ध कराने में सफलता प्राप्त हुई।
राज्य की ओर से मामले में जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती अर्चना मरावी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री वी.के. वर्मा. द्वारा सशक्त पैरवी की गई एवं आरोपी को कठोर से कठोर दंड का निवेदन किया गया। उक्त प्रकरण में माननीय विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 उमरिया श्री विवेक सिंह रघुवंशी के न्यायालय द्वारा आरोपी अनिल रौतेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (ठ) 376 (2) ( जा) के अंतर्गत 10.10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपए के अर्थदंडएवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षणअधिनियम 2012की धारा 5 सहपाठी धारा 6 के अंतर्गत20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया गया।