त्रिभुवन ने दी थी चुनौती,जहाँ से खट्टर चुनाव लड़ेंगे वहीं दूंगा पटकनी, पहली बार बखरी की महिलाओं ने सम्हाला चुनावी मोर्चा

Editor in cheif
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उमरिया (संवाद)। निर्वाचन आयोग के द्वारा जैसे ही नगरीय निकायों के चुनाव का बिगुल बजाया गया था। जिसके बाद नगरपालिका उमरिया में हुए वार्डों के आरक्षण में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल के दावेदारों के वार्ड किसी दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित हो गए थे तब दावेदार अपने लिए उपयुक्त वार्ड की तलाश में जुटे हुए थे। उस समय एक बात पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई थी वह यह कि कांग्रेस की तरफ से बखरी के त्रिभुवन प्रताप सिंह और श्रीमती रश्मि सिंह किस वार्ड से चुनाव मैदान में उतरेंगे।हालांकि श्रीमती रश्मि सिंह के लिए 6 नंबर वार्ड पहले से क्लियर था। लेकिन त्रिभुवन के लिए तय नही हो पा रहा था। इस बीच कई बार बात सामने आ रही थी कि वे अंततः कोई भी कांग्रेस के लिए सुरक्षित (सेफ जोन) वार्ड से लड़ेंगे।
मुझे अच्छे से याद है चुनाव शुरू होने वाले थे नाम निर्देशन पत्र भरने के 2 दिन पहले की बात है उन्हें कई लोंगो ने कहा कि वार्ड नंबर 14 से चुनाव लड़े, आपके लिए सुरक्षित रहेगा तब उनके द्वारा लगातार यह कहा जा रहा था कि मैं उसी वार्ड से चुनाव लड़ूंगा जहां से भाजपा के सबसे प्रमुख और इसके पहले नगरपालिका में अध्यक्ष रहे है यानी कि जहां से श्रीमती कंचन या शंभूलाल खट्टर चुनाव लड़ेंगे,मैं भी उसी वार्ड से लड़ूंगा और उसे वही वार्ड में ही पटकनी दूंगा। जिसके बाद जब चुनाव परिणाम आया तब उनकी कही हुई बात पर मतदाताओं ने अपनी मोहर लगा दी। हालांकि पूरे चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 9 शहर का केंद्र बिंदु रहा है।यह वार्ड कोई लाग लपेट और न ही किसी लालच व प्रलोभन वाला वार्ड है।
इसके अलावा पूरे चुनाव और अंतिम समय मतदान के बाद भी इस वार्ड ने ओपिनियन पोल नही दिया जिससे मतदान के बाद भी पता ही नही चल पा रहा था कि जनादेश किस प्रत्यासी की तरफ है। मतगणना के बाद ही इस वार्ड की तश्वीर साफ हो पाई है। हालांकि शंभूलाल खट्टर ने भी बड़े अच्छे ढंग से चुनाव लड़ने का प्रयास किया है।चुनाव में उनकी रणनीति और मैनेजमेंट में कोई कमी नही थी लेकिन मतदाता पहले से मन बना चुका था जो अंत तक कायम रहा है जिससे श्रीमती कंचन खट्टर को हार का सामना करना पड़ा है।
पहली बार चुनाव में निकली बखरी की महिलाएं
इस बार के नगरपालिका चुनाव में पहली बार प्रतिष्ठित बखरी की महिलाओं ने चुनावी मोर्चा सम्हाला है।इसके पहले भी कई चुनाव सम्पन्न हुए है और बखरी के सदस्यों ने चुनाव लड़ा और जीता भी है। लेकिन कभी भी महिलाये घर के बाहर नही निकली है, हालांकि बदलते समय के साथ उनका निर्णय भी बिल्कुल सही था। इस बार वे महिलाये ही स्टार प्रचारक का काम की है, उनकी महिलाओं की टोली जहां प्रचार करने गई है वहां से उन्हें सफलता ही मिली है। उनके द्वारा लगातार वार्ड नंबर 6, वार्ड 8, वार्ड 9 और 16 नंबर वार्ड में लोंगो के पास जाकर कांग्रेस के पक्ष में अपील की गई है। इस बीच सबसे बड़ी बात यह कि वे भले ही 3-4 वार्डों में प्रचार करने गई हो लेकिन इसकी लहर शहर के अन्य वार्डों में भी रही है।
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