उमरिया (संवाद)। जिले में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। दूरदराज से आने मरीजो को अस्पतालों में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।जिला चिकित्सालय बेजान दिखाई पड़ता है। इसके पीछे कारण यह बीते 6 दिनों से संविदा स्वास्थ्य कर्मी प्रदेश व्यापी हड़ताल पर है।उनकी मांग है कि उनकी 2 सूत्रीय मांग 5 जून 2018 को लागू करना और निष्काषित कर्मचारियों को पुनः वापस लेने की मांग पर अड़े हुए है। पूर्व से घोषित आंदोलन के तहत वह 15 नवम्बर से कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठे है।उनका कहना है जब तक हमारी मांगे नही मानी जाती तब तक वह आंदोलन के लिए विवश है।

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उमरिया (संवाद)। जिले में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। दूरदराज से आने मरीजो को अस्पतालों में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।जिला चिकित्सालय बेजान दिखाई पड़ता है। इसके पीछे कारण यह बीते 6 दिनों से संविदा स्वास्थ्य कर्मी प्रदेश व्यापी हड़ताल पर है।उनकी मांग है कि उनकी 2 सूत्रीय मांग 5 जून 2018 को लागू करना और निष्काषित कर्मचारियों को पुनः वापस लेने की मांग पर अड़े हुए है। पूर्व से घोषित आंदोलन के तहत वह 15 नवम्बर से कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठे है।उनका कहना है जब तक हमारी मांगे नही मानी जाती तब तक वह आंदोलन के लिए विवश है।इधर जिले आशा और ऊषा कार्यकर्ता भी सैकड़ो की तादात में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंची है और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। इनकी मांग है कि आशा और उषा कार्यकर्ता सबसे ज्यादा काम करती है। लेकिन वेतन के नाम से उन्हें ठगा जा रहा है।उन्होंने मांग की है उनका वेतन 2 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया जाय।गौरतलब है कि जब से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा सरपंचों का बढ़ाया है तब से इस तरह के कर्मचारी और लोग वेतन वृद्धि की मांग कर रहे है।अभी हाल ही में जनपद सदस्य,पंचगणो ने भी मानदेय और उनका अधिकार बढ़ाने की मांग कर रहे है।