खुद जिम्मेदारी लिया और निलंबित पटवारी को किया,सीएम की नाराजगी का पटवारी पर निकाली खीज

Editor in cheif
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उमरिया (संवाद)। बीते बुधवार को जिले के पाली जनपद के मालियागुड़ा में आयोजित मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पहुचे हुए थे। जहां पर सीएम शिवराज ने उपस्थित आम जनता से योजनाओं के लाभ के बारे में पूंछा और वही मंच से अधिकारियों से जबाव मांगा है। इस दौरान उन्होंने आम जनता से पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के बैंक खातों में आने वाली राशि के बारे में पूंछा जिसमे ज्यादातर लोंगो ने बताया कि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि की राशि नही मिल रही है।इसके अलावा भी अन्य योजनाओं में भी लोंगो को लाभ नही मिल पाने पर सीएम शिवराज ने मंच से नाराजगी जताई थी।
सीएम शिवराज ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता के लिए चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन में उमरिया जिले का प्रशासन गंभीर नही है और उन्होंने सवाल खड़े करते हुए जिम्मेदारी तय की है। जिसमे कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा सीएम शिवराज सिंह चौहान के सामने अपनी गलती माना और इस पूरे मामले की स्वयं जिम्मेदारी ली है। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज के जाने के बाद ग्राम मुदरिया हल्का की पटवारी श्रीमती नीतू सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एसडीएम तहसील पाली के द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री जनकल्याण कार्यक्रम में सीएम के समक्ष ग्राम मुदरिया में पीएम किसान सम्मान निधि में लापरवाही बरती गई है। जिसमे मुदरिया हल्का पटवारी नीतू सिंह मराबी के द्वारा हल्का के 450 किसानों के खाते में से 126 खातों के पंजीयन अभी तक शेष है। जिससे हल्का पटवारी के द्वारा कार्य मे घोर लापरवाही और उदासीनता बरती गई है। इसी के चलते तहसील पाली की एसडीएम ने मुदरिया हल्का पटवारी नीतू सिंह मराबी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर तहसील कार्यालय पाली के लिए अटैच कर दिया है।इस दौराम मुदरिया सहित इनके प्रभार वाले सभी हल्कों का प्रभार पटवारी पंकज यादव को सौंपा गया है।
वहीं जिला प्रशासन की इस कार्यवाही पर अब उंगलियां भी उठने लगी है। जिले के आदिवासी नेताओ के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया दी गई है। उनका कहना है कि यह सब नौटंकी है। सीएम के सामने मंच से तमाम खामियों की जिम्मेदारी स्वयं कलेक्टर ने ली और सीएम के जाते ही एक आदिवासी महिला पटवारी के ऊपर दोष मढ़ते हुए उसे निलंबित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ो जनता के सामने जिले के मुखिया के द्वारा कही गई बात अब नौटंकी साबित हो रही है?
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