उमरिया (संवाद)। पेसा एक्ट जनजातीय भाई-बहनों की आर्थिक, सामाजिक उन्नति और उन्हें सशक्त एवं अधिकार सम्पन्न बनाने के लिये लागू किया गया है। यह एक्ट समाज के सभी नागरिकों के हित में है। किसी भी गैर-जनजातीय समाज के नागरिक के खिलाफ नहीं है। पेसा एक्ट अनुसूचित क्षेत्र में गाँव में लागू होगा। हमारे जो भी जनजातीय भाई-बहन विकास की दौड़ में पीछे रह गये हैं, पेसा एक्ट उन्हें मजबूत बनायेगा। उक्त आषय के विचार कलेक्टर कृष्ण देव त्रिपाठी ने पाली जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बरहाई में आयोजित ग्राम सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर सबका अधिकार होना चाहिये। पेसा एक्ट के नियमों के अनुसार अब पटवारी और वन विभाग के बीट गार्ड को गाँव की जमीन का नक्शा, खसरा, बी-1 नकल वर्ष में एक बार गाँव में लाकर ग्राम सभा में दिखाना होगा, जिससे जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न कर सके। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो ग्राम सभा को रिकॉर्ड को सुधारने की अनुशंसा करने का अधिकार होगा। पटवारी को ग्राम सभा की बैठक में भूमि संबंधी डिटेल्स पढ़ कर सुनानी होगी।
