चोरी से बेची की गई सरकारी पट्टे की जमीन पुनः सरकारी मद में दर्ज,विक्रय की गई भूमि का नामांतरण भी निरस्त,कलेक्टर ने तहसीलदार को जारी किया शोकाज

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हीरा विश्वकर्मा, कटनी (संवाद)। सरकारी पट्टे की जमीन को अवैधानिक प्रक्रिया अपनाकर अंतरित किए जाने के एक प्रकरण में न्यायालय कलेक्टर कटनी द्वारा उक्त भूमि पर दर्ज किए गए नामांतरण को निरस्त करते हुए अंतरिम व्यवस्था के तहत उक्त भूमि को शासकीय मद में दर्ज किए जाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही पूर्व में किया गया भूमि नामांतरण भी निरस्त कर दिया है। इसके अलावा इस प्रकरण में तथ्य सामने आने के बाद भी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उचित वैधानिक कार्यवाही न करने वाले तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को पटवारी के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया है। साथ ही इस प्रकरण के सामने आने के बाद शासकीय पट्टों की खरीद फरोख्त की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय कलेक्टर ने सभी सरकारी पट्टे की जमीनों के प्रकरणों की बारीकी से जांच के आदेश दिए हैं।
यह है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि सीएम हेल्पलाइन शिकायत की समीक्षा दौरान एक शिकायत कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद के सामने आई, जिसमें यह तथ्य सामने आए कि दुलारे, लल्लू पिता वैशाखू चौधरी निवासी सिंदुरसी तहसील बहोरीबंद को ग्राम सिंदुरसी स्थित खसरा क्रमांक 203 में से 2 हेक्टेयर भूमि का पट्टा जारी किया गया। जिसमें से खसरा क्रमांक 203/2 में से रकवा 0.60 हे. भूमि विक्रय कर दी गई। शिकायत की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आए कि भूमि पट्टे की शर्त 05 का उल्लंघन करते हुए पट्टा आबंटन के लगभग 6 वर्ष के भीतर ही किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय कर अंतरित कर दी गई। उल्लेखनीय है कि सरकारी पट्टे की जमीन को पट्टाधारी 10 वर्ष की अवधि के पश्चात कलेक्टर से अनुज्ञा प्राप्त करने के उपरांत ही विक्रय कर सकता है।
भू राजस्व संहिता का खुला उल्लंघन
प्रथम दृष्टया यह कृत्य भू राजस्व की धारा 158(3) का उल्लंघन पाते हुए न्यायालय कलेक्टर कटनी द्वारा मध्यप्रदेश भू -राजस्व संहिता की धारा 32 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नामांतरण पंजी 2007-08 में संशोधित कर  प्रकाश पिता परमेश्वर दयाल गुप्ता के पक्ष में किया गया नामांतरण निरस्त कर दिया गया।
तहसीलदार और पटवारी की कार्यवाही न्यायसंगत नहीं
न्यायालय कलेक्टर कटनी ने उक्त प्रकरण की जांच में यह भी पाया कि ग्राम सिंदुरसी पटवारी एवं तहसीलदार बहोरीबंद को प्रकरण से संबंधित समस्त जानकारी होने के बाद भी प्रकरण के संबंध में अपने कर्तव्य का निर्वहन न करते हुए न्याय संगत वैधानिक कार्यवाही नहीं की गई। सीएम हेल्पलाइन में उक्त शिकायत दर्ज होने पर भी सिर्फ यह लिख कर कि तहसील स्तर पर कोई कार्यवाही शेष नहीं है अपने कर्तव्य की इतश्री कर ली गई। न्यायालय कलेक्टर कटनी ने सम्पूर्ण प्रकरण में पाया कि अहस्तांतरणीय भूमि पट्टे की शर्त का उल्लंघन कर कलेक्टर की अनुज्ञा के बिना अंतरित की गई है।
तहसीलदार को शोकाज नोटिस
न्यायालय कलेक्टर ने इस प्रकरण में मूल पट्टेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर अंतिम निर्णय तक उक्त भूमि शासकीय मद में दर्ज करने की अंतरिम व्यवस्था देते हुए बहोरीबंद तहसीलदार पूर्वी तिवारी को शो कॉज नोटिस जारी किया है। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बहोरीबंद को उक्त प्रकरण में पटवारी की भूमिका की जांच पर उचित कार्यवाही करने निर्देशित किया है। साथ ही पूर्व में  नामांतरण दर्ज करने वाले तत्कालीन पटवारी और तहसीलदार के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही करने आदेशित किया है।

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