पेशाब कांड: पीड़ित आदिवासी युवक सीएम शिवराज से मुलाकात कर वापस लौटा घर,अपनी पत्नी से बताई यह महत्वपूर्ण बात

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सीधी (संवाद)। देशभर में कुछ दिनों से सुर्खियों में रहे सीधी जिले के पेशाब कांड अब सामान्य होते जा रहा है आरोपी भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला के ऊपर एसटी एससी और एनएसए की कार्यवाही की गई है वही घटना में पीड़ित आदिवासी युवक को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास सीएम हाउस बुलाकर उसके पैर पखारकर इस घटना पर जताया है। सीएम से मिलकर दशमत रावत अपने घर वापस लौट आया है। अपनी पत्नी से सीएम से मिलने और अपने सम्मान के बारे में बताया है।

दरअसल सीधी जिले के कुबरी में आरोपी भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला के द्वारा नशे में धुत होकर एक आदिवासी युवक दशमत रावत के ऊपर पेशाब करना और उसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होना पूरे देश में  तहलका मचा दिया था देश भर की मीडिया की खबरों में जहां यह खबर सुर्खियों में रही वही तमाम राजनीतिक दलों के द्वारा सियासत भी हाई रही है।आरोपी युवक सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला का करीबी होने के कारण तमाम विपक्षी दल भाजपा के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिए थे।

लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम होगी उन्होंने तत्काल मामले को डैमेज कंट्रोल करते हुए पीड़ित युवक दशरथ रावत को तत्काल सीएम हाउस बुला लिया। पीड़ित युवक के सीएम हाउस पहुंचते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले उसको आदर पूर्वक बैठाया फिर परात और लोटे में पानी लेकर उसके पैर धोने लगे। इसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित युवक को अपना सुदामा मित्र बताते हुए हाथ जोड़कर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते माफी मांगी है उन्होंने युवक के साथ हुई अमानवीय घटना पर क्षोभ  व्यक्त किया है। सीएम शिवराज की दरियादिली और अपना सत्कार होते देख पीड़ित आदिवासी युवक गदगद हो गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर वापस लौटे पीड़ित आदिवासी युवक दशमत ने पूरा घटनाक्रम अपनी पत्नी को बताया। उसने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किस तरह एक आदिवासी युवक का सम्मान पूर्वक पैर धोए हैं और उसे अपना मित्र बताया इसके अलावा उन्होंने आर्थिक स्थिति को देखते हुए 5 लाख रुपये दिए है। इसके अलावा पीएम आवास योजना से पक्का मकान देने की बात कही है। उसने अपनी पत्नी को बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा एक आदिवासी युवक का इस तरह सम्मान किया गया जिसकी कल्पना उसने कभी नहीं की थी।

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