दोनों जनपदों में भाजपा का कब्जा,कांग्रेस नही खड़ा कर पाई अपना उम्मीदवार,इधर कांग्रेस ने कहा मानपुर में हुई लोकतंत्र की हत्या

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– निर्वाचित निर्दलीय को अपने पाले में लेने दोनो दलों ने किए दावे

उमरिया (संवाद)। जिले की दो जनपदों में 27जुलाई को हुए जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी ने बाजी मारी है। मानपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव बीजेपी ने निर्विरोध जीत लिया है। यहां कांग्रेस पार्टी ने अपना उम्मीदवार ही खड़ा नही कर सकी जिससे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों निर्विरोध चुन लिए गए है। वहीं करकेली जनपद में भी कांग्रेस पार्टी की ओर से अध्यक्ष पद पर कोई चुनाव नही लड़ा यहां पर निर्दलीय श्रीमती प्रियंका सिंह और भाजपा से श्रीमती पूनम साहू ने चुनाव लड़ा है। जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार प्रियंका सिंह विजयी हुई है।इस तरह दोनो जनपदों में कांग्रेस का एक भी उम्मीदवार चुनाव नही जीत सका है।
जानकारी के मुताबिक आज 27 जुलाई को जिले की 2 जनपद पंचायतों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन कराए जाने की समय और तारीख निर्धारित की गई थी।जिसके बाद निर्वाचन अधिकारियों के द्वारा शांतिपूर्ण ठंग से चुनावी प्रक्रिया को सम्पन्न कराया गया। करकेली जनपद के चुनावी तश्वीर की बात करे यहां निर्दलीय और भाजपा में चुनाव हुआ है जिसमे निर्दलीय श्रीमती प्रियंका/मून सिंह का मुकाबला भाजपा की श्रीमती पूनम साहू से हुआ जिसमें प्रियंका सिंह 5 वोट से विजयी हुई है।इसी तरह उपाध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय नवीन कठौतिया का मुकाबला श्रीमती पूनम साहू के साथ हुआ जिसमें पूनम साहू 5 मत से विजयी हुई है।
इसी तरह मानपुर जनपद पंचायत में भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती ममता सिंह ने अध्यक्ष का पद निर्विरोध जीत लिया है वहीं उपाध्यक्ष के पद पर भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी की बहू श्रीमती पूजा चतुर्वेदी ने निर्विरोध जीता है। यहां पर कांग्रेस पार्टी ने अपना कोई भी कैंडिडेट नही उतार सकी जिससे भाजपा के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए है। मानपुर में कांग्रेस के द्वारा चुनाव में भाग नही ले पाने की वजह जारी चुनावी कार्यक्रम में निर्धारित समय पर किसी कन्फ्यूजन का कारण बताया जा रहा है। इस संबंध में जो जानकारी मिली है वह यह कि कांग्रेस उम्मीदवार और उनके समर्थक चुनाव के लिए निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके,जिससे वह पूरी प्रक्रिया से बाहर हो गए है।

निर्वाचित निर्दलीय को अपने पाले में लेने दोनो दलों ने किए दावे

करकेली जनपद के अध्यक्ष के चुनाव के बाद अध्यक्ष पद पर जीते श्रीमती प्रियंका/मून सिंह को अपने पाले में लेने दोनो राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस प्रयास में जुट गए। करकेली जनपद में जैसे ही निर्दलीय की जीत हुई सबसे पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा सहित अन्य दिग्गज नेता पहुंच गए और निर्वाचित अध्यक्ष पति मून सिंह के गले में कांग्रेस का पट्टा डालकर फ़ोटो सेशन कर लिए और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।फिर भला बीजेपी पीछे कहाँ रहने वाली है सोशल मीडिया में फ़ोटो देख वह भी वहां पहुंच गई निर्वाचित अध्यक्ष को भाजपा पार्टी का बताने लगी । जिसके बाद मीडिया के सामने स्वयं निर्वचित अध्यक्ष प्रियंका और उनके पति मून सिंह ने बयान जारी किया गया जिसमें साफतौर पर कहा गया कि वह किसी पार्टी में नही है और वे यह चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़े है। उनके बयान के बाद दोनों राजनीतिक दल उल्टे पॉंव लौट गए।
मानपुर मे हुई लोकतंत्र की हत्या, कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाया सदस्यों को मतदान से वंचित करने का आरोप
जिले के मानपुर जनपद मे हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन को कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या बताया है। सांथ ही पार्टी ने प्रशासन पर भी भाजपा के एजेन्ट की तरह कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी पूरी तरह से सरकार के इशारे पर जनादेश को कुचलने मे लगे हुए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश शर्मा के द्वारा जारी विज्ञप्ति मे कहा गया है कि 27 जुलाई को 10 बजे से जनपद के निर्वाचित सदस्यों का सम्मिलन बुलाया गया था, परंतु निर्धारित प्रक्रिया का पालन किये बगैर अधिकारियों ने भाजपा के अध्यक्ष पद की दावेदार से आनन-फानन मे नाम निर्देशन पत्र लेकर उसे निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। इस तरह से नकेवल भाजपा सरकार के इशारे प्रशासनिक अधिकारियों ने चुनावी प्रक्रिया को दूषित किया बल्कि जनपद सदस्यों को उनके मताधिकार से भी वंचित करने का कृत्य किया है। कांग्रेस ने मानपुर जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन को अवैधानिक बताते हुए इसे न्यायालय मे चुनौती देने की बात कही है।
सूचना मे नहीं चुनाव कार्यक्रम का उल्लेख
वहीं इस मामले मे एसडीएम सिद्धार्थ पटेल का कहना है कि जनपद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के निर्वाचन हेतु कार्यक्रम प्रसारित किया गया था। जिसमे अभ्यर्थियों द्वारा नामनिर्देशन पत्र दाखिल करने के लिये प्रात: 10  से 10.30 बजे तक का समय निर्धारित था। इसके जवाब मे कांग्रेस ने 19 जुलाई को अपर कलेक्टर एवं सक्षम प्राधिकारी अशोक ओहरी द्वारा प्रारूप-एक मे जारी सूचना सामने रख दी है, जिसमे 27 जुलाई को 10 बजे से मात्र सम्मिलन आयोजित करने का ही उल्लेख है। पार्टी ने कहा कि उक्त सूचना मे किसी प्रकार के निर्वाचन कार्यक्रम का जिक्र नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि नियमत: प्रथम सम्मिलन के बाद ही निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की जाती है। उसका आरोप है कि अधिकारियों ने सदस्यों को धोखे मे रख कर सरकार के प्रति अपनी स्वामी भक्ति प्रदर्शित की है।

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