जिला पंचायत विवाद मामले में वीडियोग्राफी में आएगी असलियत सामने, इधर जांच में जिला पंचायत सदस्य और अन्य निर्वाचन कर्मचारी बताएंगे आंखों देखा हाल

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उमरिया (संवाद)। जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के दौरान कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदार श्रीमती सावित्री सिंह और जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। वहीं इस विवाद में दोनों के अपने अपने दावे है,लेकिन इस पूरे प्रक्रिया की कराई गई वीडियोग्राफी सामने आने के बाद असलियत सामने आ जायेगी। और यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किसके दावे में कितना दम है।
आपको बताते चलें कि बीते 29 जुलाई को जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन सम्पन्न कराया जाना था जिसके लिए सुबह 10 बजे प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई थी। पहले अध्यक्ष का चुनाव किया जाना था जिसमे कांग्रेस से श्रीमती सावित्री सिंह और भाजपा से श्रीमति अनुजा पटेल ने दावेदारी की थी मतदान के बाद मतगणना में दोनों उम्मीदवार को बराबर 5-5 मत प्राप्त हुए जिसके बाद लॉटरी सिस्टम से हार-जीत का फैसला किया जाना था। जिसके लिए दोनों प्रत्याशियों के नाम से पर्ची बनाकर एक पात्र (कलश) में डाली गई और एक छोटे बच्चे से पर्ची निकलवाई गई। जिसमें बताया गया कि पर्ची भाजपा की अनुजा पटेल के नाम की निकली है और वह विजयी घोषित हुई है। वहीं कांग्रेस की उम्मीदवार सावित्री सिंह का आरोप है कि पात्र (कलश) से जो पर्ची निकाली गई है उसमें उनका नाम है लेकिन प्रशासन ने बच्चे से पर्ची छीनकर पर्ची बदल दी गई है। जिसके बाद भारी हंगामा मच गया इस दौरान कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और कांग्रेस उम्मीदवार सावित्री सिंह के बीच झुमा झटकी भी हुई जिसमें कलेक्टर के बाएं हाथ मे चोट पहुंची है। इसके बाद सावित्री सिंह ने कलेक्टर पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह कि आखिर ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई है। कहीं न कहीं इसकी कोई वजह जरूर है। हालांकि इस पूरे प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सामने आने के बाद तश्वीर साफ हो जाएगी कि इस पूरे मामले का आखिर दोषी कौन है, जिस कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। इसके अलावा वहां उपस्थित अन्य जिला पंचायत के सदस्य और निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी, कर्मचारी भी आंखों देखा हाल जरूर जानते होंगे जो अब बयान के बाद वहां की असल स्थिति सामने लाएंगे।
बहरहाल कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। जिसमे पुलिस ने कांग्रेस प्रत्यासी सावित्री सिंह के ऊपर निर्वाचन कार्य मे व्यवधान, निर्वाचन अधिकारी और कर्मियों में भय पैदा करने सहित अन्य मामले में FIR दर्ज कर विवेचना प्रारम्भ की है। वहीं सावित्री सिंह ने भी कलेक्टर के विरुद्ध पक्षपात कर किसी और को जिताने, आदिवासी महिला का अपमान और ज्यादती करने संबंधी लिखित शिकायत पुलिस कोतवाली में की है जिसकी जांच पुलिस के द्वारा की जा रही है।

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