शहडोल (संवाद)। मध्य प्रदेश का शहडोल जिला भ्रष्टाचार में मध्य प्रदेश भर में नहीं बल्कि पूरे देश में फेमस हो रहा है। फिर चाहे वह कोई भी मामला हो, यहां भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि अजब एमपी में शहडोल की गजब कहानी है। जहां ढाई हजार ईट यानी एक ट्रैक्टर ट्राली ईंट की कीमत 1 लाख 25 हजार रुपए है। यह कोई बताने या दिखाने की बात नहीं है बल्कि इसका भुगतान भी किया गया है। यह मामला शहडोल जिले के ग्राम पंचायत भाटिया का है। जहां एक ट्रैक्टर ट्राली एट का भुगतान 1 लाख 25 हजार किया गया। जिसका भुगतान बिल अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
दरअसल, शहडोल जिले में पिछले कई महीनों से भ्रष्टाचार के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। चाहे 4 लीटर पेंट से पूरे स्कूल को पेंट करने का मामला हो। साथ ही जल गंगा अभियान में कलेक्टर एवं अधिकारियों को एक घंटे में कई किलो ड्राई फ्रूट खिलाने का मामला हो। हाल में ही 2 दिन पूर्व दो पेज फोटोकॉपी का 4 हजार का बिल पास करने का मामला भी सामने आया है। जिले में हो रहे यह भ्रष्टाचार के मामले साबित करते हैं कि इन फर्जी बिलों को पास करके स्कूल के शिक्षक, ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच सरकारी राशि का बंदरबांट कर रहे हैं।
शहडोल जिले के बुढार जनपद के भाटिया ग्राम पंचायत से एक बड़ा ही अनोखा बिल इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल है। इस बिल में 2500 ईंट यानी एक ट्रैक्टर ट्राली को भाड़ा सहित 5 रु की दर से खरीदना बताकर 1 लाख 25 हजार रुपए का बिल पास करके भुगतान किया गया है। जबकि बिल में एक ईंट की कीमत ₹5 दर्शाकर 2500 ईंट की कीमत 12 हजार 500 रुपये होता है। लेकिन जब भुगतान किया गया तो 1 लाख 25 हजार किया गया।
ईट सप्लायर चेतन प्रसाद कुशवाहा, ग्राम परिबहरा पो साखी तहसील जैतपुर जिला शहडोल के नाम के इस बिल में 2500 ईंटों को 5 रु की दर से एक लाख पचीस हजार में खरीदा गया। ग्राम पंचायत भाटिया के सरपंच और सचिव ने हस्ताक्षर करके सील लगाकर बिल को पास कर दिया है। बिल की राशि का आपस में बंदर बांट कर लिया है। वायरल बिल मीडिया में आने के बाद अब जिले के कलेक्टर मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं।