MP (संवाद)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिला कोर्ट ने 5 वकीलों के खिलाफ सजा सुनाई है, जिसमें 4 वकीलों को 7-7 साल की कैद और एक वकील को 3 वर्ष के कारावास से दंडित किया है। इन सभी पर उज्जैन जिला कोर्ट परिसर में एक मामले की गवाही देने आए शख्स के ऊपर जानलेवा हमला किया था जिसके चलते इंदौर कोर्ट ने पांच वकीलों को कैद की सजा सुनाई है।
मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश भर में संभवत: है यह पहला मामला होगा जब एक साथ पांच वकीलों को सजा सुनाई गई हो। मामले में अभिभाषक गगन बजाड़ ने बताया, मामला वर्ष 2009 का है। उज्जैन जिला कोर्ट परिसर में गवाही के लिए आए घनश्याम पटेल को रोकने की नीयत से 5 वकीलों ने हमला किया था। इसमें 90 साल के एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा और उनके दो बेटों एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, भतीजे भवेद्र शर्मा के साथ ही जूनियर वकील पुरुषोत्तम राय शामिल थे। चारों के खिलाफ एक केस में गवाही देने के लिए घनश्याम पटेल कोर्ट पहुंचे थे।
मामले में घनश्याम पटेल ने धर्मेंद्र शर्मा की शिकायत ऑल इंडिया बार काउंसिल को की थी। इस केश के चलते जब वे जेल में थे तब बार काउंसिल ने उनकी सनद सरेंडर कर दी। बाद में उनकी सनद उन्हें सजा सुनाते हुए रिस्टोर की। उनकी सजा को कम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी केस लगाया गया, जहां बताया था कि इनके खिलाफ उज्जैन में किसी केस में साक्ष्य पेश न होने से केस नहीं चल पाता है।
उज्जैन जिला कोर्ट में ये खुद वकील है। ऐसे में वहां केस में दिक्कत आती है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केस को इंदौर जिला कोर्ट में ट्रांसफर कर 6 माह में केस की सुनवाई पूरी करने के आदेश भी दिए। इसके अलावा कोर्ट ने कहा था कि केस की पूरी सुनवाई होने के बाद हम देखेंगे कि कितनी सजा हो सकती है या नहीं हो सकती है। अब सुप्रीम कोर्ट में इस केस को दोबारा सुना जाएगा।