कटनी।। जिले के जिला पंचायत विभाग में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब विभाग में पदस्थ अकाउंटेंट को लोकायुक्त की टीम ने 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। जिला पंचायत में लोकायुक्त की कार्यवाही के दौरान अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, एक ग्राम पंचायत सचिव को सेवा से निलंबित/पृथक किए जाने के बाद उसकी बहाली की फाइल जिला पंचायत में लंबित थी। इसी बहाली प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और कागजी कार्रवाई के एवज में लेखापाल सतेंद्र सोनी ने 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परेशान सचिव ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त से की। शिकायत की जांच सही पाए जाने पर लोकायुक्त की 5 सदस्यीय टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही सचिव ने केमिकल लगे नोट लेखापाल को सौंपे, पहले से तैनात टीम ने तत्काल उसे पकड़ लिया। आरोपी के हाथ धुलवाते ही उनका गुलाबी होना रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत बना।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस कार्रवाई से जिला पंचायत कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गौरतलब है कि इससे पहले जिले में जल संसाधन विभाग के एक कार्यपालन यंत्री को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं, जिस पर लोकायुक्त की सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी है।
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