उमरिया (संवाद)।जिले भर के अतिथि शिक्षक समन्वय समिति उमरिया के बैनर तले जिले के अतिथि शिक्षकों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़ विशाल रैली निकाली। ज्ञात हो कि अतिथि शिक्षकों ने स्थानीय सगरा मंदिर के पास से विशाल रैली निकाली जो प्रमुख मार्गो से होते हुए कलेक्टर परिसर के सामने पहुंची जहां शिक्षको ने प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की इसके बाद महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
शिक्षकों ने सौंपे गए ज्ञापन की छायाप्रति देते हुए बताया कि विगत 17-18 वर्षों से मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षक पूर्ण, निष्ठा, लगन व ईमानदारी के साथ सेवा देते आ रहे हैं। किंतु बार-बार आवेदन-निवेदन करने के बाद भी अतिथि शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिये कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया है। जिसमें तीन अलग-अलग कैडर के अंतर्गत कर्मचारियों को रखा गया है।
लेकिन अतिथि शिक्षकों को किसी भी कैडर में शामिल नहीं किया है। जिसके कारण सेवा से बाहर होने का भय सताने लगा है जिससे सरकार के प्रति अतिथि शिक्षकों का आक्रोश बढ़ते ही जा रहा है।अतिथि शिक्षक संघ ने ज्ञापन में किए गए मांगों का उल्लेख करते हुए बताया कि कार्यानुभव और वरिष्ठता के आधार पर अतिथि शिक्षकों का सेवाकाल 12 माह, 62 वर्ष तक भविष्य सुरक्षित किया जाये। वर्तमान में सेवा से पृथक अतिथि शिक्षकों को कार्यानुभव और वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों में समायोजित कर भविष्य सुरक्षित किया जाये।अतिथि शिक्षक महापंचायत 2 सितंबर 2023 में की गई घोषणानुसार प्रतिवर्षानुसार बोनस के 4 अंक अधिकतम 20 अंक शिक्षक भर्ती मैरिट सूची में जोड़े जाये।
कार्यानुभव और वरिष्ठता के आधार पर विभागीय परीक्षा आयोजित किया जाये। वर्तमान में कैबिनेट में पारित प्रस्ताव अनुसार अतिथि शिक्षकों को संविदा कैडर में सम्मिलित किया जाये।
हरियाणा मॉडल अतिथि शिक्षक विधेयक 2019 मध्यप्रदेश में लागू किया जाये। छत्तीसगढ़ मॉडल अतिथि शिक्षक 12 माह 62 वर्ष लागू किया जाये और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंसानुसार वर्ष 2018 में लिखे गये पत्रानुसार अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाये जाने की मांग की गई है। इस विशाल रैली में भारी संख्या में अतिथि शिक्षक शामिल हुए।