ग्वालियर (संवाद)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उस समय अफ़रा तफरी का माहौल निर्मित हो गया, जब जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। इस दौरान जिले के कलेक्टर भी पहुंचे हुए थे, तभी दो पक्षों में विवाद हो गया और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आधा सैकड़ा लोगों ने जमकर पत्थरबाजी और लाठी डंडे चलाएं। हालात बेकाबू होते देख मौके से कलेक्टर, तहसीलदार, आरआई और पटवारी अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए।
जमीन सीमांकन के दौरान दो पक्षों में विवाद,जमकर चले पत्थर और लाठी-डंडे, जान बचाकर भागे कलेक्टर

यह पूरी घटना ग्वालियर के शिरोल थाना क्षेत्र के कुरावली मेहरा गांव में जमीन सीमांकन विवाद के दौरान हुआ है। जहां रविवार के दिन कुरावली मेहरा गांव निवासी भागीरथी पाल और बारेलाल पाल के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। लंबे समय से चल रहे इस विवाद के निपटारे के लिए हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार कलेक्टर,तहसीलदार और राजस्व टीम भूमि का सीमांकन करने मौके पर पहुंचे हुए थे।
जमीन सीमांकन के दौरान दो पक्षों में विवाद,जमकर चले पत्थर और लाठी-डंडे, जान बचाकर भागे कलेक्टर

कलेक्टर और दोनों पक्षों की मौजूदगी में सीमांकन कार्य प्रारंभ किया गया तभी दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया पहले कहा सुनी हुई फिर गाली गलौज होने लगी इस दौरान दोनों पक्षों के समर्थन में लगभग 50 लोग मौके पर एकत्रित हो गए। इसके बाद हालात बेकाबू होने लगे। दोनों पक्षों के लोगों ने जमकर विवाद किया और पत्थर बाजी के साथ जमकर लाठी डंडे चलाएं।
जमीन सीमांकन के दौरान दो पक्षों में विवाद,जमकर चले पत्थर और लाठी-डंडे, जान बचाकर भागे कलेक्टर
इस दौरान वहां मौजूद कलेक्टर तहसीलदार और राजस्व अमला की समझाइस के बाद भी हालात नहीं सुधरे, तब कलेक्टर तहसीलदार आरआई और पटवारी अपनी जान बचाकर मौके से निकल गए। इस दौरान भीड़ ने पटवारी की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा है। पटवारी की शिकायत पर पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें दोनों पक्षों की भीड़ के द्वारा पत्थर बाजी और लाठी डंडे चलाएं देखे जा सकते हैं।
जमीन सीमांकन के दौरान दो पक्षों में विवाद,जमकर चले पत्थर और लाठी-डंडे, जान बचाकर भागे कलेक्टर
