BJP News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजह

Umaria (संवाद)। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस बार फिर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए हर प्रकार के प्रयास में लगी है। फिर चाहे वह किसी वरिष्ठ मंत्री की टिकिट काटने या किसी की सीट बदलने का मामला हो, परंतु बीजेपी का प्रयास है कि किसी भी तरह इस बार भी मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाई जा सके। वहीं तमाम संस्थाओं के द्वारा आए सर्वे से भी बीजेपी डरी हुई है। इसके लिए जहां शिवराज सिंह चौहान लगातार घोषणा करते जा रहे हैं, वही कई दागी और जिनका क्षेत्र में विरोध हो रहा है ऐसे मंत्री विधायको के टिकट भी काटे जाने की उम्मीद जताई जा रही हैं?
Umaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजह
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Umaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजहUmaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजहUmaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजहUmaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजहUmaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजहUmaria News:क्या मंत्री मीना सिंह की भी कट सकती है टिकिट? जिले से लेकर राजधानी तक बना चर्चा का विषय,यहां जानिए इसकी बड़ी वजह
दरअसल मध्य प्रदेश में चुनाव को लेकर किसकी सरकार बनने जा रही है इसे लेकर बीते महीनों से लगातार विभिन्न संस्थाओं के द्वारा किए गए सर्वे और उनकी रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा सरकार बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वहीं कांग्रेस पार्टी को सत्ता के करीब बताया गया है। इन सब के पीछे सबसे बड़ी वजह यह निकलकर सामने आई है कि मौजूदा सरकार बीजेपी और उसके मंत्री विधायकों की जनता में जबरदस्त एंटी इनकम्बेंसी बताया गया है। इसके अलावा कई मंत्री विधायकों की उनके क्षेत्र में परफॉर्मेंस और क्षेत्र में समस्याएं और कमियां के चलते आम जनता उन मंत्री विधायकों से खासा नाराज है।
उमरिया जिले की मानपुर विधानसभा की बात करें तो यहां पर 2008 से लगातार बीजेपी की उम्मीदवार मीना सिंह ही चुनाव जीतते आई है। इस विधानसभा से 2018 में चुनाव जीतने के बाद मीना सिंह को मंत्री बनाया गया है। हालांकि 2018 में कांग्रेस की कमलनाथ की सरकार बनी थी, लेकिन डेढ़ साल बाद कमलनाथ की सरकार गिर गई थी और पुनः प्रदेश में बीजेपी की शिवराज सरकार बनाई गई थी। साढ़े तीन साल से लगातार प्रदेश सरकार में मंत्री रही मीना सिंह ने अपने क्षेत्र मानपुर में उस स्तर से विकास कार्य नहीं किया जिस स्तर से करना चाहिए। या यूं कहा जाए कि मीना सिंह के प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री होते हुए भी मानपुर क्षेत्र को उतना लाभ या फायदा नहीं मिल सका जितना मिलना चाहिए?
एक बार फिर विधानसभा चुनाव 2023 का समय आ चुका है, ऐसे में पूरे मानपुर क्षेत्र में मंत्री मीना सिंह का जमकर विरोध किया जा रहा है। यहां की आम जनता अपने विधायक एवं सरकार में मंत्री से खासा नाराज दिखाई देती है। इसके अलावा बीते तीन-चार महीनों से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मंत्री मीना सिंह के पीछे पड़ी हुई है। उनके द्वारा लगातार मंत्री मीना सिंह के ऊपर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार और आदिवासियों को ठगने का गंभीर आरोप लगा रही है। इतना ही नहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा लगातार उनके क्षेत्र पाली और मानपुर में रैली निकाल कर जबरदस्त तरीके से उनका विरोध किया गया है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लगातार तीन चार महीनों से मंत्री मीना सिंह की पोल खोलने में लगे हैं। इसे लेकर बीते दिनों उमरिया जिला मुख्यालय में हजारों की तादाद में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हल्ला बोला था, इस दौरान उनके द्वारा हिंसा को भी अपनाया गया। मीना सिंह के खिलाफ हल्ला बोलने के दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शनकरियो के द्वारा सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के ऊपर भी हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शन कारियों के द्वारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी चोट पहुंचाई गई थी, कई पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल भी हुए थे जिनका इलाज अभी भी चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी का जिला संगठन भी मंत्री मीना सिंह से तालमेल नहीं होने के कारण उनके प्रति खिलाफत की खबरें भी मिल रही हैं। संगठन के गुप्त सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि जिला संगठन भी मंत्री मीना सिंह की उम्मीदवारी से खिलाफ में है, उसके द्वारा भी लगातार प्रयास किया जा रहे हैं कि मीना सिंह की टिकिट बदली या काट दी जाए। हालांकि इसकी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है। लेकिन पूरे शहर में इस बात का चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर बीते दिनों भी मीडिया के माध्यम से भी कुछ खबरें सामने आई थी। जिससे कुछ हद तक यह स्पष्ट होता है कि मीना सिंह का संगठन के प्रति तालमेल और व्यवहार अच्छा नहीं रहा है।
हालांकि मीना सिंह की पिछले कई विधान सभा चुनाव में उनकी लगातार जीत होते आई है। उनके द्वारा लगातार भाजपा पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया जाता रहा है। मीना सिंह पढ़ी लिखी होने के साथ एक साफ स्वच्छ छवि वाली नेता मानी जाती रही है और इसी कारण उनकी पैठ आम जनता में गहरी है। हालांकि चुनाव में टिकिट देना या नहीं देना, यह तो पार्टी आला कमान का निर्णय है। लेकिन उनके द्वारा लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच में जाना,उनसे मिलना और उनकी समस्याओं का निराकरण करना मंत्री मीना सिंह की पहचान बन चुका है।
बहरहाल इस बार के चुनावी समीकरण पिछले चुनावों से कुछ भिन्न समझ आते है, इसके अलावा उनका विधानसभा क्षेत्र में विरोध इससे पहले इस कदर नहीं हुआ। फिलहाल यह जरूर है कि मंत्री मीना सिंह को इस बार के विधानसभा चुनाव की टिकिट नही देने की अपुष्ट चर्चा जिले से लेकर राजधानी तक जोरो पर है। लेकिन यह बात महज चर्चा है ।पार्टी आला कमान का निर्णय ही अंतिम निर्णय माना जाएगा। अगर संगठन मानपुर विधानसभा में टिकट को लेकर कोई फेरबदल करता है तो इसके दोनों पहलू सामने आ सकते हैं, जिसमें यह की मीना सिंह की टिकट काटे जाने पर संगठन को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है और फायदा भी हो सकता है?
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