एक ही दिन में 3 अधिकारी को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने किया गिरफ्तार,प्रदेश में मचा हड़कंप,यहां जानिए पूरा मामला

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MP (संवाद)। मध्य प्रदेश में जहां रिश्वतखोरी चरम पर है वहीं लोकायुक्त की टीम भी आए दिन रिश्वतखोरी के मामले उजागर कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को मध्य प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है।

पहला मामला प्रदेश के शिवपुरी जिले का है,जहां अपर कलेक्टर के स्टेनो को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के मुताबिक अपर कलेक्टर दिनेशचंद्र शुक्ला का स्टेनो मोनू शर्मा को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर कार्यालय में रिश्वत ले रहा था। उन्होंने जमीन के मामले में फरियादी से 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। आरोपी गिरश्वत की पहली किस्त लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गया।

वही मध्य प्रदेश के जबलपुर अंतर्गत सिमरिया में लोकायुक्त की टीम ने सहकारिता निरीक्षक संजय दुबे को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में बताया कि शिकायतकर्ता देवी तिवारी जो समिति प्रबंधक सहकारी समिति सिमरिया में पदस्थ हैं।उन्होंने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि समिति प्रबंधक और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों के वेतन निकालने के एवज में सहकारिता निरीक्षक संजय दुबे ने ₹3000 की रिश्वत मांगी थी। देवी तिवारी की शिकायत पर आज लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए संजय दुबे को ₹3000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

तीसरा मामला विदिशा जिले के गंज बासौदा से सामने आया है जहां लटेरी जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री रामगोपाल यादव को गुरुवार को गंजबासौदा स्थित उनके निवास पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। उपयंत्री रामगोपाल यादव ने ग्राम पंचायत धीरगढ़ में बने सीसी सड़क निर्माण कार्य के बिल पास करने के लिए 40,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सौदा 30,000 रुपये में तय हुआ।

इसके बाद गुरुवार शाम ड्रीम सिटी कॉलोनी, हतोड़ा स्थित उपयंत्री के मकान पर जैसे ही फरियादी ने 30,000 रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने छापा मारकर रामगोपाल यादव को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।

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