कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में बनाए गए नए जिला अध्यक्षों को गारंटी दी है उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष किसी का रिमोट ना बने। अपने आप को बड़े व दिग्गज नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि वह समन्वय बनाकर पार्टी हित में काम करें। मध्य प्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत शहर और ग्रामीण मिलकर 71 जिला अध्यक्ष बनाए गए हैं और उनका प्रशिक्षण नई दिल्ली में चल रहा है। इस दौरान रविवार को राहुल गांधी ने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को संगठन का पाठ पढ़ाया है।
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष की घोषणा होने के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों में भी जिला अध्यक्षों का विरोध हो रहा है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी जिला अध्यक्ष बदला नहीं जाएगा, बल्कि 6 माह तक उसका कामकाज देखकर उनका मूल्यांकन किया जाएगा तब तक कोई भी नहीं बदला जाएगा।
राहुल गांधी के इस बयान ने मध्य प्रदेश में खलबली मचा दी है कुछ नेताओं को लग रहा था कि उनके विरोध करने पर अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वरिष्ठ नेता या अन्य नेता विरोध नहीं बल्कि समन्वय बनाकर कम करें। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन में जुटे वह यह देखेंगे कि लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल रहे हैं या नहीं। सत्ता पक्ष किसी का हक तो नहीं मार रहा है।
उन्होंने नए जिला अध्यक्षों से कहा कि वह किसी का रिमोट ना बने जिससे उन्हें कोई दूसरा नेता कंट्रोल करें। क्योंकि आपको किसी नेता ने नहीं बल्कि संगठन ने जिला अध्यक्ष बनाया है। राहुल गांधी ने कहा कि पहले दो-तीन नेता लोकसभा या विधानसभा की टिकट बांट लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब जिला अध्यक्ष की अनुशंसा महत्वपूर्ण मानी जाएगी। जिला अध्यक्ष कांग्रेस की नई है उसके नेतृत्व में बूथ स्टार तक युवा ,महिलाएं और हर वर्ग के लोगों को संगठन में जगह दी जाएगी। हमें विचारधारा के आधार पर सत्ता में आना है