एमपी (संवाद)। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान का फोकस प्रदेश के आदिवासियों पर रहा है। हाल ही में उनके द्वारा पेशा एक्ट कानून लागू करने की खूबियां गिराने के साथ ही आदिवासियों के पूज्य भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या मामा, भीमा नायक,शंकर शाह,रानी दुर्गावती और रानी कमलापति का भी जिक्र किया है।
उनके अभिभाषण के दौरान आदिवासी संगठन जयस की चर्चा तो की ही, साथ ही विधायक हीरालाल अलावा और कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम का भी कई बार जिक्र किया है। पेसा एक्ट से ग्रामसभा इतनी मजबूत हो जाएगी कि नहीं शराब की दुकान उसकी अनुमति के बिना नहीं खुल सकेंगी,वह चाहे तो ड्राई डे भी घोषित कर सकती है। विपक्षी दल के सदस्यों की टोका टाकी लगातार होने के बावजूद भी शिवराज ने आदिवासियों के मुद्दे को सबसे ज्यादा समय दिया है। इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के द्वारा आरोप लगाए जाने और बार-बार टोका टाकी करने पर प्रदेश की जनजाति कार्य विभाग मंत्री मीना सिंह ने जोरदार हमला बोला है।
